प्रदेश के बहुचर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अब तक की सबसे बड़ी और अहम कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने सट्टेबाजी के इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट की कमर तोड़ते हुए देश और विदेश में करीब 1700 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अटैच (कुर्क) कर लिया है। इस कार्रवाई से सट्टा किंग सौरभ चंद्राकर और उसके नेटवर्क से जुड़े सट्टा कारोबार में लिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है।

कार्यवाही में जप्त संपत्ति :
- 1700 करोड़ की जब्ती: ED ने मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर और उसके सहयोगियों की देश-विदेश की करीब 1700 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की हैं।
- बुर्ज खलीफा में भी संपत्तियां: कुर्क की गई 20 अचल संपत्तियों में दुबई और नई दिल्ली की बेशकीमती संपत्तियां शामिल हैं, जिनमें दुबई के मशहूर बुर्ज खलीफा जैसे नामी जगह में स्थित लग्जरी अपार्टमेंट्स और कई विला शामिल हैं।
- हवाला और क्रिप्टो का इस्तेमाल: जांच में खुलासा हुआ है कि अवैध सट्टेबाजी से कमाई गई हजारों करोड़ की रकम को हवाला नेटवर्क और क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) के जरिए भारत से विदेश भेजा गया था।
- 175 से ज्यादा ठिकानों पर रेड: इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए ED अब तक देशभर में 175 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है।
- आरोपियों की लिस्ट लंबी: मामले में अब तक 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि 74 लोगों को इस केस में आधिकारिक रूप से आरोपी बनाया गया है।
सट्टेबाजी का साम्राज्य और कुबेर का खजाना ?
ईडी की विस्तृत जांच में यह साफ हुआ है कि महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप के जरिए आम लोगों को जुए की लत लगाई गई और रोजाना करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की गई। इस काले धन को सफेद करने और ठिकाने लगाने के लिए बेहद शातिर तरीके से चैनल तैयार क्या था। आरोपियों ने हवाला ऑपरेटरों का सहारा लिया। बड़ी रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर दुबई समेत कई देशों में भेजा गया, जहां सौरभ चंद्राकर और उसके साथियों ने रियल एस्टेट में भारी निवेश किया।
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क तोड़ने की कवायद में बड़ी सफलता
नई दिल्ली से लेकर दुबई तक फैली इन 20 अचल संपत्तियों पर शिकंजा कसने के बाद ईडी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी । जांच एजेंसी लगातार मनी ट्रेल खंगाल रही है और आने वाले समय में इस मामले में कई और सफेदपोशों और कारोबारियों के नाम सामने आ सकते हैं।