छत्तीसगढ़ में मानसून सामान्य: 5 अगस्त तक 99.2% बारिश दर्ज, सारंगढ़-बिलाईगढ़ सबसे आगे
रायपुर, छत्तीसगढ़ में इस वर्ष मानसून का प्रदर्शन अब तक संतोषजनक रहा है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में 1 जून से 5 अगस्त 2026 तक 584.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो इस अवधि की सामान्य औसत 589.5 मिमी वर्षा का 99.2 प्रतिशत है। बुधवार (5 अगस्त) को प्रदेश में औसत 12.1 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सबसे अधिक बारिश
औसत वर्षा के मुकाबले सबसे बेहतर प्रदर्शन सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले का रहा है। यहां सामान्य 450.5 मिमी के मुकाबले 838.6 मिमी (186.2%) बारिश दर्ज की गई। वहीं कुल वर्षा की मात्रा के मामले में नारायणपुर जिला प्रदेश में पहले स्थान पर रहा, जहां अब तक 1004.1 मिमी (141.1%) बारिश हो चुकी है।
महासमुंद (139.3%), रायपुर (130%), गरियाबंद (128.9%), जांजगीर-चांपा (124.9%), बालोद (121.2%), बलौदाबाजार (116.8%), बलरामपुर (115%), दुर्ग (114.1%), सक्ती (114%) और धमतरी (112.9%) में भी सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
इन जिलों में अब भी बारिश की कमी
प्रदेश के कुछ जिलों में मानसून अपेक्षित रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। सरगुजा में अब तक केवल 288.2 मिमी (65.1%) तथा सुकमा में 545.0 मिमी (67.2%) वर्षा हुई है।
इसके अलावा जशपुर (69.1%), बीजापुर (70.4%), कांकेर (71.1%), मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी (75%), बेमेतरा (76.9%), बस्तर (77.4%) और कबीरधाम (81.6%) में भी सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
कृषि कार्यों को मिला फायदा
मध्य छत्तीसगढ़ और मैदानी क्षेत्रों में समय पर और संतुलित बारिश से धान की रोपाई सहित कृषि गतिविधियों में तेजी आई है। किसानों को पर्याप्त नमी मिलने से खेती-किसानी के कार्य सुचारु रूप से चल रहे हैं।
वहीं उत्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिन जिलों में औसत से कम वर्षा हुई है, वहां राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग तथा कृषि विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि आगामी दिनों में अच्छी बारिश होने पर इन क्षेत्रों में भी हालात सामान्य होने की उम्मीद है।
राज्य सरकार का मानना है कि फिलहाल प्रदेश में मानसून की स्थिति संतुलित बनी हुई है और इसका सकारात्मक असर कृषि उत्पादन पर भी देखने को मिल रहा है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सामान्य से अधिक बारिश..