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कर्तव्यनिष्ठ होकर जनसेवा एवं सुशासन के लिए करें बेहतर कार्य : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय



मुख्यमंत्री से 2025 बैच के प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों की सौजन्य मुलाकात, संवेदनशील और जवाबदेह प्रशासन पर दिया जोर की
रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रशासनिक सेवा केवल एक प्रतिष्ठित पद नहीं, बल्कि जनसेवा और सुशासन का सशक्त माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों से अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ करते हुए शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री बुधवार को रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा के वर्ष 2025 बैच के प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों से सौजन्य मुलाकात कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने नवचयनित अधिकारियों को उनके भावी प्रशासनिक दायित्वों के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जनता का विश्वास अर्जित करना ही एक सफल प्रशासनिक अधिकारी की सबसे बड़ी पहचान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी शासन और आम नागरिकों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। उनके निर्णय और कार्यशैली से लोगों का शासन के प्रति भरोसा मजबूत होता है। इसलिए अधिकारियों को जमीनी स्तर पर लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने में प्रशासनिक अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। प्रदेश में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं और सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली तथा पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार लगातार जारी है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों से विशेष रूप से जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की अपेक्षा जताई। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से इन क्षेत्रों के लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
सुशासन पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। ई-ऑफिस प्रणाली लागू कर प्रशासनिक कार्यों को अधिक दक्ष और समयबद्ध बनाया गया है। अधिकारियों को नई तकनीकों का उपयोग कर नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध करानी चाहिए।
राजस्व मामलों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि, नामांतरण, सीमांकन और बंटवारे जैसे मामलों में त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने कहा कि कई बार अधिकारी की छोटी-सी पहल भी किसी परिवार की बड़ी समस्या का समाधान बन जाती है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जनता के प्रति विनम्र, सहज और उत्तरदायी रहने की सलाह देते हुए कहा कि शिकायतों को धैर्यपूर्वक सुनना प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रशिक्षण अनुभवों की जानकारी भी ली और अधिकारियों से प्रदेश के विकास तथा सुशासन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संचालक टी.सी. महावर ने बताया कि वर्ष 2025 बैच के सात राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों का इंडक्शन प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है। अब सभी प्रशिक्षु प्रदेश के विभिन्न जिलों में डिप्टी कलेक्टर के रूप में पदस्थ होकर प्रशासनिक कार्यों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संचालक टी.सी. महावर, संयुक्त संचालक श्रीमती मेनका प्रधान तथा 2025 बैच के प्रशिक्षु राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी उपस्थित रहे।

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