रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस शासनकाल के बहुचर्चित कथित शराब, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग घोटालों के सिलसिले में कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल बुधवार को आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) के कार्यालय पहुंचे। रामगोपाल अग्रवाल कांग्रेस के कोषाध्यक्ष और नान (NAN) के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, वे लंबे समय से जांच के दायरे में थे जानकारी के मुताबिक, कस्टम मिलिंग मामले में समन जारी होने के बाद रामगोपाल अग्रवाल EOW कार्यालय पहुंचे।
बेटे से भी हुई लंबी पूछताछ
इससे एक दिन पहले मंगलवार को EOW ने उनके बेटे वैभव अग्रवाल से कई घंटे तक पूछताछ की थी। इसके बाद रामगोपाल अग्रवाल की EOW कार्यालय में मौजूदगी सामने आई
कोल लेवी के घोटाले में हाथ होने के आरोप
कथित कोल लेवी घोटाले में ED और EOW का आरोप है कि वर्ष 2020 से 2022 के बीच कोयला परिवहन से जुड़े कारोबारियों से प्रति टन अवैध वसूली की गई। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस नेटवर्क के जरिए करीब 540 करोड़ रुपये की अवैध लेवी वसूले जाने का दावा किया गया है। मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
सिंडिकेट बनाकर अवैध शराब बिक्री से सरकार को राजस्व नुकसान
कथित शराब घोटाले में भी ED और EOW जांच कर रहे हैं। एजेंसियों का आरोप है कि वर्ष 2019 से 2022 के बीच सरकारी शराब बिक्री व्यवस्था में कथित सिंडिकेट बनाकर अवैध शराब की बिक्री, कमीशनखोरी और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया। जांच एजेंसियों ने इस मामले में करीब 3,200 करोड़ रुपये के कथित घोटाले का दावा किया है। हालांकि, इस मामले में भी आरोपों की न्यायिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और जांच जारी है।फिलहाल EOW रामगोपाल अग्रवाल से पूछताछ कर रही है। एजेंसियों की जांच और पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्यवाही तय होगी।