रायपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले में जल संसाधन विभाग की 25 वर्षों की विकास यात्रा में सिंचाई सुविधाओं का उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। राज्य गठन के समय 4,458 हेक्टेयर की सिंचाई क्षमता वर्ष 2026 में बढ़कर 25,936 हेक्टेयर हो गई है।
राज्य गठन के बाद जिले में 57 नई जल संसाधन परियोजनाएं पूरी की गईं, जिससे कुल परियोजनाओं की संख्या 85 हो गई। नहरों के जीर्णोद्धार एवं विस्तार के साथ माइक्रो और लिफ्ट इरिगेशन, सोलर पंप तथा डिजिटल तकनीक को भी बढ़ावा दिया गया है।
सिंचाई विस्तार से किसानों को कृषि गतिविधियों और बहुफसलीय खेती के लिए बेहतर अवसर मिले हैं। देवरगांव का मलनिया जलाशय, आंदुल का जोगीडोंगरी जलाशय और बनझोरका एनीकट जिले की प्रमुख जल संरचनाओं में शामिल हैं।
विभाग के अनुसार, निर्माणाधीन नई सिंचाई योजनाओं के पूर्ण होने से जिले की सिंचाई क्षमता में और वृद्धि होने की उम्मीद है।
जीपीएम में सिंचाई क्षमता छह गुना से अधिक बढ़ी