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रायपुर में आज जेंडर नॉर्म्स ‘अस्तित्व’ एप और महिला सुरक्षा पर राज्य स्तरीय कार्यशाला


रायपुर, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत संचालित राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) एवं चैतन्य के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को एसआईआरडी (SIRD), निमोरा, रायपुर में जेंडर नॉर्म्स, जेंडर रिसोर्स सेंटर (GRC) सुदृढ़ीकरण एवं डिजिटल केस मैनेजमेंट विषय पर शनिवार 18 जुलाई को एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित होगी ।
कार्यशाला का उद्देश्य जेंडर रिसोर्स सेंटरों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना, महिलाओं की सुरक्षा एवं सहायता व्यवस्था को सशक्त करना तथा डिजिटल तकनीक के माध्यम से मामलों के बेहतर प्रबंधन को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम में बताया गया कि एनआरएलएम के अंतर्गत स्थापित जेंडर रिसोर्स सेंटर महिलाओं के लिए सुरक्षित, संवेदनशील एवं भरोसेमंद मंच के रूप में कार्य कर रहे हैं। यहां घरेलू हिंसा एवं अन्य लैंगिक हिंसा से प्रभावित महिलाओं को परामर्श, दस्तावेजीकरण, विभागीय समन्वय और रेफरल सेवाओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जाती है, ताकि उन्हें समय पर न्याय एवं सुरक्षा मिल सके।
इस अवसर पर चैतन्य द्वारा विकसित ‘अस्तित्व (Astitva)’ डिजिटल एप्लीकेशन का प्रदर्शन भी किया गया। यह एप हिंसा से जुड़े मामलों का सुरक्षित एवं गोपनीय डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने, दोहराए गए मामलों की पहचान, हॉटस्पॉट विश्लेषण तथा समय और स्थान आधारित रुझानों का अध्ययन करने में मदद करेगा। इससे जेंडर रिसोर्स सेंटरों में डेटा आधारित योजना निर्माण, निगरानी और प्रभावी हस्तक्षेप को मजबूती मिलेगी।
कार्यशाला में सामाजिक मान्यताओं (जेंडर नॉर्म्स) पर भी विस्तृत चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने कहा कि समाज में समानता, समता और संवेदनशीलता आधारित सकारात्मक सामाजिक मानदंड विकसित करना समय की आवश्यकता है। इस दिशा में जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों और अन्य हितधारकों की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने पर विचार-विमर्श किया गया, ताकि हिंसा से प्रभावित महिलाओं को संस्थागत संरक्षण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा जा सके।
कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ में जेंडर नॉर्म्स पर किए गए शोध के प्रमुख निष्कर्ष भी साझा किए गए। इन निष्कर्षों के आधार पर स्थानीय सामाजिक परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी रणनीतियां तैयार करने पर जोर दिया गया।
आयोजकों के अनुसार, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से इस पहल से जमीनी स्तर पर सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार, औपचारिक रेफरल प्रणाली को मजबूती तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने की उम्मीद है।
राज्य स्तरीय कार्यशाला में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, जिला प्रशासन के प्रतिनिधि, महिला एवं बाल विकास विभाग, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, जेंडर रिसोर्स सेंटरों के प्रतिनिधि, विकास क्षेत्र के विशेषज्ञ तथा अन्य हितधारकों ने भाग लिया। आयोजकों का मानना है कि यह पहल राज्य में जेंडर उत्तरदायी शासन, प्रभावी रेफरल प्रणाली और महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। कार्य शाला में मुख्य दो चरणों में आयोजि की गई जिसमें मुख्य वक्ता उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा राज्य और पंचायत ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी शामिल होंगे।

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